जाने-माने एक्टर और सिंगर ऋषभ टंडन का 35 साल की छोटी उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया है। बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए यह एक और बड़ा और चौंकाने वाला झटका है, जिसने एक बार फिर युवाओं में अचानक बढ़ रहे दिल के रोगों की चिंता को गहरा कर दिया है। ऋषभ टंडन की मौत ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कम उम्र में ही, जब जीवन अपने चरम पर होता है, तब हार्ट अटैक जैसी जानलेवा बीमारी क्यों दस्तक दे रही है।
हृदय रोग विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि युवाओं बढ़ रही हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण हमारी आधुनिक और तनावग्रस्त जीवनशैली है, जो स्वास्थ्य के प्रति घोर लापरवाही और बिगड़े हुए खान-पान का सीधा परिणाम है। ऐसे में यह जरूरी है कि 30 से 40 वर्ष की आयु के युवा इस घटना को एक गंभीर खतरे की घंटी समझें और इस ‘साइलेंट किलर’ बीमारी से खुद को बचाने के लिए अपनी जीवनशैली में तुरंत और स्थायी बदलाव लाएं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विशेषज्ञों की राय जानते हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, युवाओं में हार्ट अटैक के मामले 25% तक बढ़ गए हैं। इस विषय पर सोशल मीडिया पर डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि हॉर्ट संबंधित समस्याओं के मुख्य कारण हैं- अत्यधिक तनाव, 6 घंटे से कम नींद, असंतुलित आहार (जंक फूड), शारीरिक निष्क्रियता (सेडेंटरी लाइफस्टाइल), और धूम्रपान की लत। ये सभी कारक कम उम्र में ही दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा रहे हैं, जिसके चलते जीवनशैली में बदलाव करना अत्यंत आवश्यक है।














